सोचा आज फिर कुछ लिखूं ,
दिल में जो है वो कह भी दूँ ..
तू होता तो कुछ ऐसा होता ,
फिर शायद हर सपना ऐसे ना खोता ..
तुझसे हक़ से मैं भी कुछ कहती ,
तेरे संग मदमस्त हवा सी मैं भी बहती ..
रहता तेरा साया सिर पे हर पल ,
फिर ना सोचा होता की क्या होगा कल ..
खड़ा रहता तू हाथ थामे हर मुश्किल में ,
फिर शायद आती द्रिन्द्द्ता मेरे भी फैसलों मैं ..
कुछ बेचैनी सी है फिर आज ,
आसमान भी शायद खुलके रोया है आज ..
वैसे तो ये दिन आता है हर साल,
और ये पागल मन फिर करता है कुछ सवाल ..
कुछ चितराई सी यादें हैं ,
कुछ अधूरी सी बातें हैं ..
यूँ तो खुद को समेट कर जीना सीख लिया है,
बचपन में तेरी ऊँगली पकड़ कर दिखाई हुई इन राहों पर चलना सीख लिया है ..
जीवन के कुछ मोड़ ऐसे भी थे जब कदम बहोत डगमगाये ,
तेरे दिए हुए हौसले ही थे की हम संभल पाए ..
दुखों को हँसकर तेरा यूँ टाल जाना ,
सबको खुश करने का तेरा रोज़ एक नया बहाना ..
कुछ तो ख्वाइशे थी तेरी भी,
कुछ तो फ़रमाईशे थी तेरी भी ..
कितना कुछ था जो तेरे दिल में भी रहा होगा,
जाते जाते तेरे मन में - " कुछ कहना है " का भाव जरुर रहा होगा ..
अनजान थे हम सब तेरे रहते ना समझ पाए ,
अब सोचते हैं सब की वो कीमती पल क्यूँ गवाए ..
क्यूँ किसी के जाने पर ये अफ़सोस होता है ,
क़ाश समझा होता तब - ये सोच कर दिल हर बार क्यूँ रोता है ..
दिल डरा था , सहमा था , बर्बादियों के मंज़र पर खो सा गया था ,
जिक्र तेरे नाम का जब भी होता था तो दिल में दर्द जरुर होता था ..
तू नहीं है अब ये "उसकी" मर्ज़ी है ,
खुश रहते हैं हम ये सोचकर की तेरी हमसे यही अर्जी है ..
ज़िन्दगी ने मानो रफ़्तार सी पकड़ ली है ,
पर तेरी सिखाई बातों की डोर को पकड़ कर हमने मुट्ठी भींच ली है ..
कोशिश करते हैं की मुश्किलों से ये कदम ना थमें ,
सोचते हैं की हम भी तेरी तरह "दिल" से बड़े बनें ..
अच्छाई का जो तूने पाठ पड़ाया ,
अपने आप को हमेशा उसे याद दिलाया ..
सोचा कुछ तो जरुर करना है ,
अपने लिए नहीं पर तेरे लिए कुछ तो जरुर बनना है ..
आज भी जब कोई नया काम शुरू होता है,
दुआ में हर बार तेरा नाम शामिल जरुर होता है ..
यादों में.. बातों में .. साँसों में ..
तू जिंदा है अब भी हमारे दिल की धडकनों में..
तू नहीं है अब ये "उसकी" मर्ज़ी है ,
खुश रहते हैं हम ये सोचकर की तेरी हमसे यही अर्जी है ..
" You were as LOVELY as your name Maamaji
We miss you.. You still continue to live in our hearts !!!
Rest in Peace
Just a Little Dedication from your G-Series Bhaanji"
oh God sppechlees. rula diya.
ReplyDeletehttp://manaskriti.com/kaavyaalaya/udaas_na_ho1.stm
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